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पेंड्रा में शिक्षा व्यवस्था पर संकट गहराया : नए BEO–BRC की मांग तेज, प्रशासन की भूमिका सवालों में….?

“पेंड्रा में शिक्षा व्यवस्था पर संकट गहराया : नए BEO–BRC की मांग तेज, प्रशासन की भूमिका सवालों में….?”

पेंड्रा (जीपीएम)गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। पेंड्रा विकासखंड में जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते जिले की पढ़ाई का स्तर छत्तीसगढ़ में सबसे नीचे पहुंचने की स्थिति में है। यदि स्थिति ऐसे ही बनी रही तो यह कहना मुश्किल होगा कि जिला कभी शैक्षणिक उत्कृष्टता की ओर बढ़ पाएगा।

“प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन की कार्यवाही की मांग “…..

अधिकारियों की उदासीनता बनी बड़ी वजह…

कई प्रशासनिक, टूर्नामेंट और साक्षरता कार्यक्रमों में बीईओ और बीआरसी की अनुपस्थिति ने यह साबित कर दिया है कि विभाग अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी नदारद रहते हैं और विभागीय कार्यक्रम कागज़ों तक ही सीमित रह जाते हैं।

नियम विरुद्ध नियुक्तियों पर सवाल……

बीआरसी की नियुक्ति प्रतिनियुक्ति के आधार पर न होने से शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों में असंतोष है। उनका कहना है कि ऐसे निर्णय शिक्षा व्यवस्था को और कमजोर कर रहे हैं। आखिर प्रतिनियुक्ति का पद पर सीधे आदेश सवालों में आखिर कैसे संभव है…?

पढ़ाई का स्तर और नीचे गिरने का खतरा….

अगर यही हालात बने रहे तो जिले का शिक्षा स्तर राज्य में सबसे नीचे चला जाएगा। यह सवाल खड़ा होता है कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही अपनी भूमिका सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं तो जिले की शिक्षा गुणवत्ता निम्न से उच्च शिखर तक कैसे पहुंचेगी?

समाधान की मांग……..

शिक्षकों, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट मांग रखी है कि पेंड्रा में तुरंत नए BEO और BRC की नियुक्ति की जाए और जिला प्रशासन निगरानी बढ़ाए। तभी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाकर जिले के विद्यार्थियों का भविष्य संवारा जा सकेगा।

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